Wednesday, 7 December 2016

समय : Time

समय की कीमत : Value of Time

कल्पना कीजिए कि आपके पास एक बैंक अकाउंट है (Bank Account) और हर रोज सुबह उस बैंक अकाउंट में 86,400 रूपये जमा हो जाते है, जिसे आप उपयोग में ले सकते है| आप रूपयों को बैंक अकाउंट (Bank Account) से निकाल कर अपनी तिजोरी में जमा करके नहीं रख सकते| इस बैंक अकाउंट में कैरी फोरवर्ड (Carry Forward) का सिस्टम नहीं है यानि कि जिन रूपयों को आप उपयोग में नहीं ले पाते, वह रूपये शाम को वापस ले लिए जाते है और आपका अब उन पर कोई अधिकार नहीं रहता|

यह बैंक अकाउंट कभी भी बंद हो सकता है| हो सकता है कि कल ही यह बैंक अकाउंट (Bank Account) बंद हो जाए या फिर 2 वर्ष बाद या फिर 50 वर्ष बाद| लेकिन इतना तो निश्चित है कि यह बैंक अकाउंट एक दिन जरूर बंद होगा|





ऐसी परिस्थिति में आप क्या करेंगे????

जाहिर है आप पूरे के पूरे 86,400 रूपयों का उपयोग कर लेंगे और इन 86,400 रूपयों का उपयोग अच्छे कार्यों के लिए करेंगे क्योंकि यह बैंक अकाउंट (Bank Account) कभी भी बंद हो सकता है|



समय अनमोल है: Time is Precious

क्या आप जानते है कि ऐसा ही एक बैंक अकाउंट हमारे पास होता है जिसका नाम है “जिंदगी (Life)” और इस “जीवन” रुपी बैंक अकाउंट में प्रतिदिन 86,400 सेकंड्स (Seconds) जमा होते है जिनका उपयोग कैसे करना है यह हम पर निर्भर करता है| हम चाहें तो इन 86,400 सेकंड्स का उपयोग बेहतरीन कार्यों के लिए कर सकते है और अगर ऐसा नहीं करते तो यह व्यर्थ हो जाएंगे| यह जीवन रुपी बैंक अकाउंट कभी भी बंद हो सकता है इसलिए देर मत कीजिए आपके जीवन का हर पल अमूल्य है इसलिए समय का सदुपयोग कीजिए|

अगर किसी को भी ऐसा बैंक अकाउंट दे दिया जाए जिसमें रोज 86,400 रूपये जमा हो तो वह व्यक्ति बहुत खुश हो जाएगा और एक रूपया भी व्यर्थ नहीं गवाएंगा | क्या हमारे जीवन के एक सेकंड की कीमत एक रूपये से भी कम है| हम कैसे अपने जीवन की सबसे अनमोल सम्पति को ऐसे ही व्यर्थ गँवा सकते है|

खोया हुआ धन फिर कमाया जा सकता  है, लेकिन खोया हुआ समय वापस नहीं आता| उसके लिए केवल पश्चाताप ही शेष रह जाता है। हर एक दिन को व्यर्थ गंवाना आत्महत्या करने के समान है| बिना समय प्रबंधन के आज तक कोई भी सफल नहीं हुआ|

कबीर दास जी का यह छोटा सा दोहा, जीवन का सबसे बड़ा मंत्र बता देता है-



काल करै सो आज कर, आज करै सो अब।
पल में परलै होयेगी, बहुरी करेगा कब।।



बीते हुए कल को भूल जाइए, उसका आज कोई वजूद नहीं| आज आपका है, आज एक नयी शुरुआत कीजिए|
   
             “जो व्यक्ति अपने समय को नष्ट कर देते है, समय उन्हें नष्ट कर देता है।’’

         

Thought for Great Man

👉 *इस संदेश को पढिये मन प्रसन्न हो जायेगा*👈
👇👇👍👍
 रोज   तारीख   बदलती.  है,
रोज.  दिन.  बदलते.   हैं....
रोज.  अपनी.  उमर.   भी बदलती.  है.....
रोज.  समय.  भी    बदलता. है...
हमारे   नजरिये.  भी.  वक्त.  के साथ.  बदलते.  हैं.....
बस   एक.  ही.  चीज.  है.  जो नहीं.   बदलती...
और  वो  हैं  "हम खुद"....

और  बस   ईसी.  वजह  से  हमें लगता   है.  कि.  अब  "जमाना" बदल   गया.  है........

किसी  शायर  ने  खूब  कहा  है,,

रहने   दे   आसमा.  ज़मीन   कि तलाश.  ना   कर,,
सबकुछ।  यही।  है,  कही  और  तलाश   ना   कर.,

हर  आरज़ू   पूरी  हो,  तो   जीने का।  क्या।  मज़ा,,,
जीने  के  लिए   बस।  एक खूबसूरत   वजह।  कि   तलाश कर,,,

ना  तुम  दूर  जाना  ना  हम  दूर जायेंगे,,
अपने   अपने   हिस्से कि। "दोस्ती"   निभाएंगे,,,

बहुत  अच्छा   लगेगा    ज़िन्दगी का   ये   सफ़र,,,
आप  वहा  से  याद   करना, हम यहाँ   से   मुस्कुराएंगे,,,

क्या   भरोसा   है.  जिंदगी   का ,
इंसान.  बुलबुला.  है   पानी  का ,

जी  रहे  है  कपडे  बदल  बदल कर ,,
*एक  दिन  एक  " कपडे "  में  ले जायेंगे  " कंधे " बदल  बदल  कर*
💖💖💖💖💖
*Beautiful Lines*
👉🏼 एक सच छुपा होता है जब कोई कहता है । **"मजाक था यार"**
👉🏼 एक फीलिंग छुपी होती है जब कोई कहता है **"मुझे कोई फर्क नहीं  पड़ता ।**
👉🏼 एक दर्द छुपा होता है जब कोई कहता है **"Its ok"**
👉🏼 एक जरूरत छुपी होती है जब कोई कहता है **"मुझे अकेला छोड़ दो"**
👉🏼 एक गहरी बात छुपी होती है जब कोई कहता है । **"पता नहीं "**
👉🏼 बातों का समंदर छुपा होता है जब कोई **"खामोश रहता है" **

👌🏼इसीलिए एक ओपन हार्ट सर्जरी की यूनिट के बाहर लिखा था कि...
"अगर दिल खोल लेते अपने यारों के साथ ।
तो आज नहीं खोलना पड़ता औजारों के साथ " ॥                                     👌👌👌👌👌👌👌👏👏👏👏👏💐💐💐💐💐

Tuesday, 6 December 2016

**सर्जिकल दोहे*

*सर्जिकल दोहे**सर्जिकल दोहे*

रहिमन कभी ना राखिये, काला धन छुपाए,
जाने कब मोदी बाबा, सर्जिकल कर जाये...

हरे लाल सब नोट को, जोड़त बने अमीर,
एक रात में हो गए, राजा रंक फ़कीर...

नोटन की बोरी भरी, दिया कभी ना टैक्स,
रोते आज दहाड़ कर, कैसे करें रिलैक्स...

ब्लेक मनी की चाह में, भूल गए दिन रात,
एक चाल में मिल गयी, उनको शय और मात...

मेहनत का ही जोड़िये, कहे लक्ष्मीनारायण
समझ गए सो ठीक है,वरना नारायण नारायण ,,,..

😅😅😅😅😅

रहिमन कभी ना राखिये, काला धन छुपाए,
जाने कब मोदी बाबा, सर्जिकल कर जाये...

हरे लाल सब नोट को, जोड़त बने अमीर,
एक रात में हो गए, राजा रंक फ़कीर...

नोटन की बोरी भरी, दिया कभी ना टैक्स,
रोते आज दहाड़ कर, कैसे करें रिलैक्स...

ब्लेक मनी की चाह में, भूल गए दिन रात,
एक चाल में मिल गयी, उनको शय और मात...

मेहनत का ही जोड़िये, कहे लक्ष्मीनारायण
समझ गए सो ठीक है,वरना नारायण नारायण ,,,..

😅😅😅😅😅






Real man through(Shivam)

एक पेड़ का डंठल अचानक टूट कर गिरता है।
 जिसके कारण पेड़ के नीचे सोया हुआ एक बूढ़े व्यक्ति की मौत हो जाती है।

आस-पास के चतुर लोग इस घटना का विश्लेषण करते हुए बूढ़े व्यक्ति के मौत के लिए पेड़ को दोषी ठहरा देते है।
 इस पर दूसरा चतुर आदमी बोलता है की पेड़ का क्या दोष, दोषी तो वो है, जो इस कमजोर मिटटी में पेड़ लगाया था।

अब पेड़ लगाने वाले को बुलाकर उससे बूढ़े का मौत का जिम्मेदार ठहराया जाता है।

पेड़ लगाने वाला भी चतुर था वो बोला- इसमें मेरा क्या दोष, इस पेड़ की डाली में बगुलों का झुण्ड आकर बैठ गया, जिसके वजन से डाली टूट गई और बूढ़े के ऊपर गिर गई।
इसलिए दोषी बगुले है।

दूसरा चतुर आदमी बोला- इन बेजुबान बगुलों का कोई दोष नहीं, ये बगुले पहले स्टेट बैंक के पास वाले पेड़ पर बैठते थे।
 लेकिन
 आज-कल वहाँ लम्बी-लम्बी लाइन लगी है और बहुत शोर होता है,
 जिसके कारण बगुले वहा से यहाँ शिफ्ट हो गए है  । दोषी तो स्टेट बैंक है।

इस पर एक और चतुर आदमी बोलता है- स्टेट बैंक का क्या दोष,
*दोषी तो नरेंद्र मोदी है*,
 जिसने नोट बंदी लगा दिया और उसी के कारण इस बूढ़े की मौत हो गई।

अंत में सभी चतुर लोग एक मत से फैसला करते है की स्टेट बैंक से कोसो दूर एक पेड़ की डाली के नीचे सोये हुए बूढ़े की मौत नरेंद्र मोदी के कारण हुआ है।

विश्वास न हो तो  संसद में सुन लेना..।



             आज एक शादी कार्डधारक को बैंक मैनेजर ये समझाते समझाते परेशान हो गया कि यहाँ ढाई लाख उसी को मिलते हैं जिसके खाते में जमा रहते हैं। वो मानने को तैयार ही नहीं था।😜😜😜
          

Crazy øf Mûzaffârpûr ßøys..

🔫 :- मुजफ्फरपुर  में किसी लड़के के घर कोई मिलने वाला आया!  मुजफ्फरपुर  के लड़के ने संदूक से बंदूक निकाल कर लाया और हवा में 2 फायर कर दिया!
मिलने वाला आदमी भोच्चका सा देखता रह गया!
 डरते डरते बोला भाईसाब ये फायर  क्यों किये!
^
^
मुजफ्फरपुर   के लड़का बोला:-
चाय वाला को 2 चाय बोला है!?
"
@

"
@
 मुजफ्फरपुर  में रहता हु, चंद्रमा की मिट्टी से तिलक करने की जज्बा रखता हु, गीदड़ पालने की शौख नही शेर पालने की रुतबा रखता हु,,

🌟

🌟
:- तिन चीजे  मुजफ्फरपुर  वालो को बहुत प्यारी होती है,,

1). युद्ध

2). इज्ज़त

3). शान

:- तिन चीजे  मुजफ्फरपुर  वालो को मरवाती है,,

1). हद से ज्यादा गुस्सा

2). हथियारों का शोक

3). अंधा प्यार

:- तिन चीजे मुजफ्फरपुर  वालो के पास सबसे ज्यादा होती है,,

1). खून की गरमी

2). हद से ज्यादा जूनून

3). लोगो में दहसत

:- तिन चीजो के लिए मुजफ्फरपुर   वाले सबसे ज्यादा लड़ते है,,

1). पुराना प्यार

2). कालेज की यारी

3). अपना बदला

:- तिन चीजो को  मुजफ्फरपुर  वाले कभी माफ़ नहीं करते,,

1). लड़की छेड़ने वालो को

2). देश से गद्दारी करने वालो को

3). धोखा देने वालो को

:- तिन चीजो से मुजफ्फरपुर  वाले बहुत प्यार करते है,,

1). अपने वतन से

2). अपने माता पिता से

3). अपने संस्कार से

:- वक्त आने दो बंदूख भी उठायेगे,ट्रिगर भी दबाएंगे
और गोली भी चलाएंगे,,
और उस कामिनी चीज पर राज भी करेगे,जिसे लोग कहते है,,,,
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:- "" दुनिया""

बड़ा अजीब अंदाज है , मुजफ्फरपुर  वालो का तेवर तो तेवर है, शौक़ भी जानलेवा है!""""
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मत डालो इनपे नजर नहीं तो बिखर जाओगे,,
मौत आने से पहले खुद की नजरो में मर जाओगे,
हो  मुजफ्फरपुर  के तो मिसाल बनकर उभरो दुनिया के लिए,
नहीं तो इतिहास के दो पन्नों में सिमट कर रह जाओगे,,,
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शराफत से रह रहे है रहने दो,
जब मन किया तब इस कातिल दुनिया पे राज करने का तो
ना गोली चलेगी ना तलवार नाम देखकर मुजफ्फरपुर  का,,
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ना PM से डरते है ना CM से,
लाशो ला ढेर बिछाना हम भी
जानते है,,लेकिन डरते है, घर की संस्कारो से,,
क्यों की कल को दुनिया यही कहेगी,,
देख लो मुजफ्फरपुर  के  छोरे दादागिरी कर रहे है,,

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ताज की फिकर तो बादशाहो को होती है,,
हम तो मुजफ्फरपुर  के है, मुजफ्फरपुर वाले  अपनी सियासत खुद लेकर चलते है,,
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हमारे सोच में और लोगो की सोच में बस इतना ही फर्क है,,
की वो सरकारी आदमी बनना चाहते है,और हम सरकार.....
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काश इस मुजफ्फरपुर वालो के जाती में आपसी फुट ना होता तो ये मुजफ्फरपुर  वाले शारी दुनिया पे राज करते,,,,
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मुजफ्फरपुर  क्या है,वो  सिर्फ मुजफ्फरपुर  वाले ही जानते है,,
लोग तो उनके बारे में सिर्फ andaja लगा सकते है,,,,
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मुजफ्फरपुर  उस बला का नाम है,
जिसपे खुद पर यकीन आ जाये,,तो यमराज भी ओवर टाइम करते है,,,

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लोग चले थे राजनीती सिखने...
हमने भी कह दिया पहले "निति" पर चलो ""राज""करना
हम  मुजफ्फरपुर  वाले सिखला देंगे...
 :  
 :    🌾🌾 🌾🌾
     🌿🌿 muzaffarpur  🌿
     🌻🌻  muzaffarpur 🌻🌻

अगर muzaffarpur के हो तो सेयर करो..i love my muzaffarpur
muzaffarpur

कभी हार नहीं होती

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

Real life story(shivam Raj)

वह एक गरीब लड़की थी। उसके पिता किसी दुकान पर मजदूरी करते थे और मां घरों में चौका बरतन। वह अपने मां-बाप की इकलौती लड़की थी, इसलिए उन्होंने उसे बड़े लाड प्यार से पाला था। वे चाहते थे कि वह पढ़ लिख कर बड़ी आदमी बने, जिससे उसे गरीबी में दिन न गुजारने पड़ें।

जब उसने गांव के स्कूल से 10वीं का इक्ज़ाम पास किया, तो बहुत खुश हुई। मां-बात ने किसी तरह पैसोें का जुगाड़ करके गांव से 8 किमी0 दूर के कस्बे में उसका इंटर कॉलेज में नाम लिखा दिया। वह साइकिल से स्कूल जाने लगी। इस तरह से उसकी जिंदगी आगे बढ़ने लगी।

लेकिन एक दिन उसकी जिंदगी में एक नया मोड़ आया। स्कूल से निकलते वक्त एक लड़का बाइक लेकर उसके पास आया और धीरे से बोला- अगर आप बुरा न मानें तो मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूं।

लड़की उस लड़के को अक्सर रास्ते में देखा करती थी। जब भी वह स्कूल आती और स्कूल से जाती, वह लड़का सडक के किनारे खड़ा उसे निहारा करता। पहले शुरू में तो उसे यह सब अच्छा नहीं लगा, लेकिन धीरे-धीरे वह भी उसे अच्छा लगने लगा था। इसलिए जब उस लड़के ने कहने की अनुमति मांगी, तो उसने धीरे से सिर हिलाकर अनुमति दे दी।

उस लड़के ने अपनी शर्ट की जेब से एक गुलाब की कली निकाल कर उसके हाथ में रख दी और उसकी मुटठी बंद करते हुए बोला- ''मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। उठते-बैठते, सोते जगते हर समय बस तुम्हारे बारे में सोचा करता हूं। मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता है....''
लड़का और भी बहुत कुछ कहना चाहता था, पर लड़की ने धीरे से उसके होठों पर अपना हाथ रख कर उसके प्यार का इकरार कर लिया। इस तरह उन दोनों में बात-चीत की शुरूआत हो गयी। लड़का रोज उसके लिए कोई न कोई गिफ्ट लाता और उसके लिए जीने मरने की कसमें खाता। उसकी बातें सुनकर लड़की दीवानी हो जाती और ख्वाबों की दुनिया में खो जाती।

एक दिन वह लड़का उस लड़की को अपनी बाइक पर घुमाने ले गया। दोनों लोग नदी के किनारे पहुंचें और घास पर बैठ कर बातें करने लगे। लेकिन लड़के की मंशा तो कुछ और थी। लेकिन प्यार में अंधी हो चुकी वह लड़की उसकी मंशा समझ नहीं पाई और उसने अपने आप को लड़के के हवाले कर दिया। दोनों लोग एक दूसरे के प्यार में ऐसे खोए कि दो जिस्म एक जान हो गये।

लेकिन न जाने कहां से वहां पर तीन लड़के आ गये। उन्हें देखकर लड़की हक्का-बक्का रह गयी और अपने कपड़े सही करने लगी। यह देख कर एक लड़का उसका हाथ पकड़ता हुआ बोला- इतनी भी क्या जल्दी है मेरी रानी, हम भी तो तुम्हारे दिवाने हैं। थोड़ा हमारा भी तो मनोरंजन कर दो।

लडकी ने अपने प्रेमी से मदद मांगी। मगर वह यह सब देखकर हंसता रहा। यह देख कर लड़की का हृदय धक्क से रह गया। यानी कि यह सब इसकी चाल थी?

आगे लड़की कुछ सोच ही नहीं पाई। क्योंकि वे तीनों लड़के उसके शरीर पर भूखे भेडिए की तरह टूट पड़े और अपनी हवस की आग बुझाते रहे। वह लड़की मदद के लिए चिल्लाती रही और वे उसे नोचते-घसोटते चले।

लगभग एक घंटे के बाद लड़की को होश आया, तो उसने अपने आपको नंग-धडंग पाया। वे तीनों लड़के और उसका प्रेमी वहां से जा चुके थे। लड़की की आंखों के आगे अंधेरा छा रहा था। उसकी दुनिया अंधेरे से भर चुकी थी। उसे अपना जीवन समाप्त होता हुआ लग रहा था।

वह सोचती रही कि क्यों उसने उस बेवफा लड़के की बातों पर ऐतबार किया। क्यों मैं उसके साथ यहां पर आई। अब मैं क्या मुंह लेकर अपने घर जाऊंगी। अपने मां-बाप को क्या बताऊंगी। मेरा ये हाल देखकर वे तो जीतेजी मर जाएंगे।

लड़की का गला बुरी तरह से सूख रहा था। वह किस तरह घि‍सटती हुई नदी के किनारे पहुंची। नदी का पानी कल-कल करता हुआ तेजी से बह रहा था। लड़की ने एक बार फिर अपने मजबूर मां-बाप, अपने बेवफा प्रेमी के बारे में सोचा और फिर नदी में छलांग लगा दी।

अगले ही पल वह नदी में डूबने उतराने लगी। लेकिन अब न तो वह किसी को अपनी जान बचाने के लिए पुकार रही थी और न ही बचने के लिए संघर्ष कर रही थी। उसका मन ठहरे हुए जल की शांत था। वह भी अपने बेवफा प्रेमी के बारे में सोच रही थी कि क्यों उसने उसकी बातों पर इस तरह से ऐतबार कर लिया, क्यों मैंने उससे अंधा प्यार किया, क्यों मैंने उसके प्यार को जरूरत नहीं समझी? अगर मैं ऐसा कर पाती, तो शायद..... और फिर वह नदी की गहराई में डूबती चली गयी।

दोस्तो किसी से प्यार करना, किसी पर ऐतबार करना बुरा नहीं है, लेकिन जज्बातों को पहचानने की क्षमता भी रखिए। किसी को अपना तन-मन सौंपने से पहले उसके परिणामों के बारे में भी जरूर सोचिए। नहीं तो आप भी धोखा खा सकते हैं, आप भी ठगे जा सकते हैं।

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